जिसको याद कहते हैं…

उसको याद करने में सिर्फ़ एक ख़तरा है, फिर से याद आएगी फिर से दिल दुखाएगी फिर से वो सभी मंज़र,आँख से छलक जाएँ, फिर से बेख़यालाना,हम कहीं भटक जाएँ, ये भी कोई अच्छा है? दिल मगर हाँ! सच्चा है, दिल जो हमसे कहता है, याद तो करो लेकिन रात के अंधेरे में, जब कोई…

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