चाहते है वो मुल्क के फिर से टुकड़े टुकड़े हो !

आखों में ख्वाबो का घर है, अच्छा है, पहली मोहब्बत का असर है,अच्छा है|| सुनो साहिबो कर लो दिल की हेरा फेरी भी, इस काम कि यही उमर है,अच्छा है|| बंटवारे के बाद भी आलम मुल्क विरोधी है, लेकिन पहले से बेहतर है,अच्छा है|| चाहते है वो मुल्क के फिर से टुकड़े टुकड़े हो, जब…

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