आज़ादी ! आज़ादी ! आज़ादी ।।

कोई भारत बर्बादी के सपने बुनता भारत भूमि पर , कोई मनाता आतंकी की बरसी भारत भूमि पर । कोई भारत मुर्दाबाद लगाता नारा भारत भूमि पर, कोई भारत माता को गाली दे जाता भारत भूमि पर ।। कहीं राष्ट्र विरोधी नारे हैं, चिंगारी है अंगारे हैं। गैरों से जीते क्या जीते, अपनों के हाथों…

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हिंदुस्तान

यह है हिंदुस्तान , कहीं बच्चे बनाते मिट्टी के मकान ; कही बड़े मशग़ूल है बनाने में पहचान , यहाँ बुज़ुर्ग़ों को है शान ,बड़ा मेरा खानदान और यह पुरखों का मकान। यह है हिंदुस्तान ! गंगा भी है ,यमुना भी है ,मगर यहाँ प्यासे भी है अनेक। अगर कभी भूखा-प्यासा भी हो यह देश…

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