यह है हिंदुस्तान ,
कहीं बच्चे बनाते मिट्टी के मकान ;
कही बड़े मशग़ूल है बनाने में पहचान ,
यहाँ बुज़ुर्ग़ों को है शान ,बड़ा मेरा खानदान और यह पुरखों का मकान।

यह है हिंदुस्तान !
गंगा भी है ,यमुना भी है ,मगर यहाँ प्यासे भी है अनेक।
अगर कभी भूखा-प्यासा भी हो यह देश :
अतिथि की स्वागत करता ,मनो वो है देव।

यह है हिंदुस्तान !
खुशियों में हम खिलाते है मिष्ठान ;
हर त्यौहार मानते सहपरिवार।

यह है हिंदुस्तान !
कही कश्मीर की वादियों का ख़ूबसूरत अंदाज़ ;
और कही गर्मीयाँ बेमिसाल।

ऐसा है हिन्दुस्तान !
कहीं किसानो का योगदान ;
कभी वीरों का बलिदान ;
कभी वैज्ञानिको का आविष्कार;
क्रिकेट पे शान ,और सिनेमा में हमारा नाम :
यह है हिंदुस्तान !

झोपड़ियों में भी रहता है हिन्दुस्तान।
ताजमहल जैसी इमारतें, भी है इसके पास ;
कभी विडंबना,कभी गर्व का प्रतीक है हिन्दुस्तान।

यह है हिंदुस्तान !
जनसंख्या,कर देगी आपको हैरान;
मगर हर नागरिक को है इसपे नाज़ : के हिंदुस्तानी है उसका नाम।

यह है हिंदुस्तान !
और हम है इसकी आवाम;
हर मज़हब ,हर मुखाम के है हम ;
कहते यह शान से है,के हम वत-ने-हिन्दुस्तान के है।

-Manal AQUIL


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